दोस्तों .......
एक दोस्त ने अपनी नोट मैं एक बहुत ही अच्छी रचना ..लिखी थी मुजे कुछ ज्यादा ही पसंद आई ..
सो यहाँ पेश कर रहा हूँ ,मैं सिर्फ उसमे कुछ इमेज मिलकर पोस्ट कर रहा हूँ.
दिन हुआ है तो रात भी होगी,
हो मत उदास कभी तो बात भी होगी,
इतने....
प्यार से दोस्ती की है ..खुदा की कसम
जिंदगी रही तो मुलाकात भी होगी.
कोशिशकीजिए हमें याद करने की
लम्हे तो अपने आप ही मिल जायेंगे
तमन्ना कीजिए हमें मिलने की
बहाने तो अपने आप ही मिल जायेंगे
.
महक दोस्ती की इश्क से कम नहीं होती
इश्क से ज़िन्दगी ख़तम नहीं होती
अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्त का
तो ज़िन्दगी जन्नत से कम नहीं होती....
दिल से अपना दोस्त बनाया है आपको
क्योंकि इस दिल के कोने में बसाया है आपको .
कोई गम आये तो करीब समझना
दे देंगे मुस्कराहट आंसुओं के बदले
मगर हजारों दोस्तो में अज़ीज़ समझना .
हर दुआ काबुल नहीं होती ,
हर आरजू पूरी नहीं होती ,
उनके लिए धड़कने भी जरुरी नहीं होती




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें