दोस्तों नमस्कार ...
आपने कभी किशी शराबी को झूमते हुए आते देखा है ...वो बस अपनी ही मस्ती मैं ...अपनी ही ख़ुशी मैं य़ा तो अपने ही गम मैं डूबा रहता है ...कल ही मैंने एक आदमी को ऐसे ही झूमते हुए आते देखा तो बस मन ही मन उसके बारे मैं बहोत कुछ सोच लिया और वही सोच को आज यहाँ पेश कर रहा हूँ... माफ़ करना अगर कुछ
ज्यादा ही ............हो जाये तो ...
लोग क्यों पीते है ... ? आप किसी भी पिने वाले से पूछेंगे तो वो फट से कोई न कोई जवाब दे देगा ...
कोई कहेगा की हम पीते है तभी तो जीते है ..
कोई कहेगा की गम भुलाने के लिए मैं तो पिए जाता हूँ.
कोई कहेगा ख़ुशी बर्दास्त करने के लिए पीते है ..
कोई तन्हाई मैं पिता है ,,,,तो कोई तन्हा रहने पिता है ...
कोई सबकुछ पाने केबाद पिता है ...तो कोई सब कुछ खोने के बाद ...
कोई रईसी के शौक मैं तो कोई गरीबी के वैभव मैं पिता है ...
कोई दीखाने को पिता है तो कोई देखने को पिता है ..
कोई अपने दर्द मैं पिता है तो कोई किसीको दर्द देने पिता है ..
हां !!!!!!!मगर कोई न कोई वज़ह ढूंढ़ लेता है ..पिने की .हर तरफ ख़ामोशी का साया है ,
ज़िन्दगी में प्यार किसने पाया है ,
हम यादों में झूमते है
और ज़माना कहता है ,
“देखो आज फिर पीकर आया है.
यही हाल होता है शराबी का ...
वैसे ही इक इश्क मिजाज शराबी की बात करता हूँ... शराब और शायरी का भी एक अजीब नाता है ..अक्स़र देखेंगे की शराब पिने के बाद शेरो -शायरी मैं ही बात करता है ...और उसकी बाते सुनाने का भी एक अलग ही मज़ा मिलता है ...यही हाल होता है शराबी का ...
..
एक लड़की ने ..
एक दोस्त से पूछा के क्यों पीते हो?
इतने कमज़ोर होके क्यों जीते हो ?
तो उसने कहा ..
तेरी बाँहों के इन् घेरे में आज मदहोश हु.
तू समज या न समज जालिम आज कमज़ोर हु .
तुझे पाने की तमन्ना है मेरी
पर आज तू कुछ और आज मैं कुछ और हूँ .
मोहब्बत यहाँ बिकती है इश्क नीलाम होता है
भरोसे का कतल यहाँ खुले आम होता है
ज़माने से ठोकर मिली तो चले हम मैखाने में
और वही जमाना हमें शराबी का नाम सअरे आम देता है ..
मगर
ऐ मेरे दोस्त ..
.शराब दर्द की दवा है .पीने से कोई खराबी नहीं
.शराब दर्द की दवा है .पीने से कोई खराबी नहीं
दिल के दर्द से पीते हैं .वैसे हम शराबी नहीं …
तो फिर लड़की ने कहा ..
मस्ती आँखों में होती है ..शराब में नहीं …
भक्ति श्रद्धा में होती है …शब्दों में नहीं ..
तू भी जान ले मेरे दोस्त …
दोस्ती दिल में होती है .. दिखावेमे नहीं ...
शराबी बोला
...तेरी आँखों से ऐसी शराब पी मैंने .
के फिर न कभी होश का दावा किया कभी मैंने ...
तेरी रुसवाई ने मरना सिखाया ,
तेरी बेवफाई ने जीना सिखाया ,
तेरे जाने के बाद आये कुछ दौर ऐसे भी ,
जिसने मुझे जीने के लिए पीना सिखाया ...
क्योकि पिता हूँ तभी तो मैं जीता हूँ.. . .
बस ऐसी ही मज़ेदार बातें होती है इश्क मिजाज़ शराबी ki
और आखिर मैं दोस्तों.....
एक पोस्ट मैं मैंने ...शराबी के बारे मैं लिखी कुछ पंक्ति या पढ़ी थी ...
इस शपथ के साथ कि ये मेरी लिखी हुई नहीं है और इस आशा के साथ कि ये आवारा पंक्तियां
एक
शराबी के लिए
हर रात
आखिरी रात होती है.
शराबी की सुबह
हर रोज
एक नयी सुबह.
दो
हर शराबी कहता है
दूसरे शराबी से
कम पिया करो.
शराबी शराबी के
गले मिलकर रोता है.
शराबी शराबी के
गले मिलकर हंसता है.
तीन
शराबी कहता है
बात सुनो
ऐसी बात
फिर कहीं नहीं सुनोगे.
चार
शराब होगी जहां
वहां आसपास ही होगा
चना चबैना.
पांच
शराबी कवि ने कहा
इस बार पुरस्कृत होगा
वह कवि
जो शराब नहीं पीता.
छह
समकालीन कवियों में
सबसे अच्छा शराबी कौन है?
समकालीन शराबियों में
सबसे अच्छा कवि कौन है?
सात
भिखारी को भीख मिल ही जाती है
शराबी को शराब.
आठ
मैं तुमसे प्यार करता हूं
शराबी कहता है
रास्ते में हर मिलने वाले से.
नौ
शराबी कहता है
मैं शराबी नहीं हूं
शराबी कहता है
मुझसे बेहतर कौन गा सकता है?
दस
शराबी की बात का विश्वास मत करना.
शराबी की बात का विश्वास करना.
शराबी से बुरा कौन है?
शराबी से अच्छा कौन है?
ग्यारह
शराबी
अपनी प्रिय किताब के पीछे
छिपाता है शराब.
बारह
एक शराबी पहचान लेता है
दूसरे शराबी को
जैसे एक भिखारी दूसरे को.
तेरह
थोडा सा पानी
थोडा सा पानी
सारे संसार के शराबियों के बीच
यह गाना प्रचलित है.
चौदह
स्त्रियां शराबी नहीं हो सकतीं
शराबी को ही
होना पडता है स्त्री.
पंद्रह
सिर्फ शराब पीने से
कोई शराबी नहीं हो जाता.
सोलह
कौन सी शराब
शराबी कभी नहीं पूछता
सत्रह
आजकल मिलते हैं
सजे-धजे शराबी
कम दिखाई पडते हैं सच्चे शराबी.
अठारह
शराबी से कुछ कहना बेकार.
शराबी को कुछ समझाना बेकार.
उन्नीस
सभी सरहदों से परे
धर्म, मजहब, रंग, भेद और भाषाओं के पार
शराबी एक विश्व नागरिक है.
बीस
कभी सुना है
किसी शराबी को अगवा किया गया?
कभी सुना है
किसी शराबी को छुडवाया गया फिरौती देकर?
इक्कीस
सबने लिक्खा - वली दक्कनी
सबने लिक्खे - मृतकों के बयान
किसी ने नहीं लिखा
वहां पर थी शराब पीने पर पाबंदी
शराबियों से वहां
अपराधियों का सा सलूक किया जाता था.
बाईस
शराबी के पास
नहीं पायी जाती शराब
हत्यारे के पास जैसे
नहीं पाया जाता हथियार.
तेईस
शराबी पैदाइशी होता है
उसे बनाया नहीं जा सकता.
चौबीस
एक महफिल में
कभी नहीं होते
दो शराबी.
पच्चीस
शराबी नहीं पूछता किसी से
रास्ता शराबघर का.
छब्बीस
महाकवि की तरह
महाशराबी कुछ नहीं होता.
सत्ताईस
पुरस्कृत शराबियों के पास
बचे हैं सिर्फ पीतल के तमगे
उपेक्षित शराबियों के पास
अभी भी बची है
थोडी सी शराब.
अट्ठाईस
दिल्ली के शराबी को
कौतुक से देखता है
पूरब का शराबी
पूरब के शराबी को
कुछ नहीं समझता
धुर पूरब का शराबी.
उनतीस
शराबी से नहीं लिया जा सकता
बच्चों को डराने का काम.
तीस
कविता का भी बन चला है अब
छोटा मोटा बाजार
सिर्फ शराब पीना ही बचा है अब
स्वांतः सुखय कर्म.
इकतीस
बाजार कुछ नही बिगाड पाया
शराबियों का
हलांकि कई बार पेश किये गये
प्लास्टिक के शराबी.
बत्तीस
आजकल कवि भी होने लगे हैं सफल
आज तक नहीं सुना गया
कभी हुआ है कोई सफल शराबी.
तैंतीस
कवियों की छोडिए
कुत्ते भी जहां पा जाते हैं पदक
कभी नहीं सुना गया
किसि शराबी को पुरस्कृत किया गया.
चौंतीस
पटना का शराबी कहना ठीक नहीं
कंकडबाग के शराबी से
कितना अलग और अलबेला है
इनकमटैक्स गोलंबर का शराबी.
पैंतीस
कभी प्रकाश में नहीं आता शराबी
अंधेरे में धीरे धीरे
विलीन हो जाता है.
छत्तीस
शराबी के बच्चे
अक्सर शराब नहीं पीते.
सैंतीस
स्त्रियां सुलाती हैं
डगमगाते शराबियों को
स्त्रियों ने बचा रखी है
शराबियों की कौम
अडतीस
स्त्रियों के आंसुओं से जो बनती है
उस शराब का
कोई जवाब नहीं.
उनचालीस
कभी नहीं देखा गया
किसी शराबी को
भूख से मरते हुए.
चालीस
यात्राएं टालता रहता है शराबी
पता नही वहां पर
कैसी शराब मिले
कैसे शराबी!
इकतालीस
धर्म अगर अफीम है
तो विधर्म है शराब
बयालीस
समरसता कहां होगी
शराबघर के अलावा?
शराबी के अलावा
कौन होगा सच्चा धर्मनिरपेक्ष
तैंतालीस
शराब ने मिटा दिये
राजशाही, रजवाडे और सामंत
शराब चाहती है दुनिया में
सच्चा लोकतंत्र
चवालीस
कुछ जी रहे हैं पीकर
कुछ बगैर पिये.
कुछ मर गये पीकर
कुछ बगैर पिये.
पैंतालीस
नहीं पीने में जो मजा है
वह पीने में नहीं
यह जाना हमने पीकर.
छियालीस
इंतजार में ही
पी गये चार प्याले
तुम आ जाते
तो क्या होता?
सैंतालीस
तुम नहीं आये
मैं डूब रहा हूं शराब में
तुम आ गये तो
शराब में रोशनी आ गयी.
अडतालीस
तुम कहां हो
मैं शराब पीता हूं
तुम आ जाओ
मैं शराब पीता हूं.
उनचास
तुम्हारे आने पर
मुझे बताया गया प्रेमी
तुम्हारे जाने के बाद
मुझे शराबी कहा गया.
पचास
देवताओ, जाओ
मुझे शराब पीने दो
अप्सराओ, जाओ
मुझे करने दो प्रेम.
इक्यावन
प्रेम की तरह
शराब पीने का
नहीं होता कोई समय
यह समयातीत है.
बावन
शराब सेतु है
मनुष्य और कविता के बीच.
सेतु है शराब
श्रमिक और कुदाल के बीच.
तिरेपन
सोचता है जुलाहा
काश!
करघे पर बुनी जा सकती शराब.
चव्वन
कुम्हार सोचता है
काश!
चाक पर रची जा सकती शराब.
पचपन
सोचता है बढई
काश!
आरी से चीरी जा सकती शराब.
छप्पन
स्वप्न है शराब!
जहालत के विरुद्ध
गरीबी के विरुद्ध
शोषण के विरुद्ध
अन्याय के विरुद्ध
मुक्ति का स्वप्न है शराब!
एक
शराबी के लिए
हर रात
आखिरी रात होती है.
शराबी की सुबह
हर रोज
एक नयी सुबह.
दो
हर शराबी कहता है
दूसरे शराबी से
कम पिया करो.
शराबी शराबी के
गले मिलकर रोता है.
शराबी शराबी के
गले मिलकर हंसता है.
तीन
शराबी कहता है
बात सुनो
ऐसी बात
फिर कहीं नहीं सुनोगे.
चार
शराब होगी जहां
वहां आसपास ही होगा
चना चबैना.
पांच
शराबी कवि ने कहा
इस बार पुरस्कृत होगा
वह कवि
जो शराब नहीं पीता.
छह
समकालीन कवियों में
सबसे अच्छा शराबी कौन है?
समकालीन शराबियों में
सबसे अच्छा कवि कौन है?
सात
भिखारी को भीख मिल ही जाती है
शराबी को शराब.
आठ
मैं तुमसे प्यार करता हूं
शराबी कहता है
रास्ते में हर मिलने वाले से.
नौ
शराबी कहता है
मैं शराबी नहीं हूं
शराबी कहता है
मुझसे बेहतर कौन गा सकता है?
दस
शराबी की बात का विश्वास मत करना.
शराबी की बात का विश्वास करना.
शराबी से बुरा कौन है?
शराबी से अच्छा कौन है?
ग्यारह
शराबी
अपनी प्रिय किताब के पीछे
छिपाता है शराब.
बारह
एक शराबी पहचान लेता है
दूसरे शराबी को
जैसे एक भिखारी दूसरे को.
तेरह
थोडा सा पानी
थोडा सा पानी
सारे संसार के शराबियों के बीच
यह गाना प्रचलित है.
चौदह
स्त्रियां शराबी नहीं हो सकतीं
शराबी को ही
होना पडता है स्त्री.
पंद्रह
सिर्फ शराब पीने से
कोई शराबी नहीं हो जाता.
सोलह
कौन सी शराब
शराबी कभी नहीं पूछता
सत्रह
आजकल मिलते हैं
सजे-धजे शराबी
कम दिखाई पडते हैं सच्चे शराबी.
अठारह
शराबी से कुछ कहना बेकार.
शराबी को कुछ समझाना बेकार.
उन्नीस
सभी सरहदों से परे
धर्म, मजहब, रंग, भेद और भाषाओं के पार
शराबी एक विश्व नागरिक है.
बीस
कभी सुना है
किसी शराबी को अगवा किया गया?
कभी सुना है
किसी शराबी को छुडवाया गया फिरौती देकर?
इक्कीस
सबने लिक्खा - वली दक्कनी
सबने लिक्खे - मृतकों के बयान
किसी ने नहीं लिखा
वहां पर थी शराब पीने पर पाबंदी
शराबियों से वहां
अपराधियों का सा सलूक किया जाता था.
बाईस
शराबी के पास
नहीं पायी जाती शराब
हत्यारे के पास जैसे
नहीं पाया जाता हथियार.
तेईस
शराबी पैदाइशी होता है
उसे बनाया नहीं जा सकता.
चौबीस
एक महफिल में
कभी नहीं होते
दो शराबी.
पच्चीस
शराबी नहीं पूछता किसी से
रास्ता शराबघर का.
छब्बीस
महाकवि की तरह
महाशराबी कुछ नहीं होता.
सत्ताईस
पुरस्कृत शराबियों के पास
बचे हैं सिर्फ पीतल के तमगे
उपेक्षित शराबियों के पास
अभी भी बची है
थोडी सी शराब.
अट्ठाईस
दिल्ली के शराबी को
कौतुक से देखता है
पूरब का शराबी
पूरब के शराबी को
कुछ नहीं समझता
धुर पूरब का शराबी.
उनतीस
शराबी से नहीं लिया जा सकता
बच्चों को डराने का काम.
तीस
कविता का भी बन चला है अब
छोटा मोटा बाजार
सिर्फ शराब पीना ही बचा है अब
स्वांतः सुखय कर्म.
इकतीस
बाजार कुछ नही बिगाड पाया
शराबियों का
हलांकि कई बार पेश किये गये
प्लास्टिक के शराबी.
बत्तीस
आजकल कवि भी होने लगे हैं सफल
आज तक नहीं सुना गया
कभी हुआ है कोई सफल शराबी.
तैंतीस
कवियों की छोडिए
कुत्ते भी जहां पा जाते हैं पदक
कभी नहीं सुना गया
किसि शराबी को पुरस्कृत किया गया.
चौंतीस
पटना का शराबी कहना ठीक नहीं
कंकडबाग के शराबी से
कितना अलग और अलबेला है
इनकमटैक्स गोलंबर का शराबी.
पैंतीस
कभी प्रकाश में नहीं आता शराबी
अंधेरे में धीरे धीरे
विलीन हो जाता है.
छत्तीस
शराबी के बच्चे
अक्सर शराब नहीं पीते.
सैंतीस
स्त्रियां सुलाती हैं
डगमगाते शराबियों को
स्त्रियों ने बचा रखी है
शराबियों की कौम
अडतीस
स्त्रियों के आंसुओं से जो बनती है
उस शराब का
कोई जवाब नहीं.
उनचालीस
कभी नहीं देखा गया
किसी शराबी को
भूख से मरते हुए.
चालीस
यात्राएं टालता रहता है शराबी
पता नही वहां पर
कैसी शराब मिले
कैसे शराबी!
इकतालीस
धर्म अगर अफीम है
तो विधर्म है शराब
बयालीस
समरसता कहां होगी
शराबघर के अलावा?
शराबी के अलावा
कौन होगा सच्चा धर्मनिरपेक्ष
तैंतालीस
शराब ने मिटा दिये
राजशाही, रजवाडे और सामंत
शराब चाहती है दुनिया में
सच्चा लोकतंत्र
चवालीस
कुछ जी रहे हैं पीकर
कुछ बगैर पिये.
कुछ मर गये पीकर
कुछ बगैर पिये.
पैंतालीस
नहीं पीने में जो मजा है
वह पीने में नहीं
यह जाना हमने पीकर.
छियालीस
इंतजार में ही
पी गये चार प्याले
तुम आ जाते
तो क्या होता?
सैंतालीस
तुम नहीं आये
मैं डूब रहा हूं शराब में
तुम आ गये तो
शराब में रोशनी आ गयी.
अडतालीस
तुम कहां हो
मैं शराब पीता हूं
तुम आ जाओ
मैं शराब पीता हूं.
उनचास
तुम्हारे आने पर
मुझे बताया गया प्रेमी
तुम्हारे जाने के बाद
मुझे शराबी कहा गया.
पचास
देवताओ, जाओ
मुझे शराब पीने दो
अप्सराओ, जाओ
मुझे करने दो प्रेम.
इक्यावन
प्रेम की तरह
शराब पीने का
नहीं होता कोई समय
यह समयातीत है.
बावन
शराब सेतु है
मनुष्य और कविता के बीच.
सेतु है शराब
श्रमिक और कुदाल के बीच.
तिरेपन
सोचता है जुलाहा
काश!
करघे पर बुनी जा सकती शराब.
चव्वन
कुम्हार सोचता है
काश!
चाक पर रची जा सकती शराब.
पचपन
सोचता है बढई
काश!
आरी से चीरी जा सकती शराब.
छप्पन
स्वप्न है शराब!
जहालत के विरुद्ध
गरीबी के विरुद्ध
शोषण के विरुद्ध
अन्याय के विरुद्ध
मुक्ति का स्वप्न है शराब!
जाम पे जाम पीनेसे क्या फायदा ,
शामको पी सुबह तक उतर जाएगी ,अरे दो बूँद प्यारे दोस्ती की पि ले ,
ज़िन्दगी सारी नशे में गुज़र जाएगी ..
... लिखने के लिए तो बड़ा ही अच्छा लगता है मगर ..............
बड़ी ख़राब होती है ये सराब....इस लिए भूलकर भी कभी इसे गले से मत लगाना ....
.................... आज इतना ही ..आगे फिर मिलेंगे ......
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