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मंगलवार, 11 सितंबर 2012

नेत्रदान करे किसीकी जिंदगी को रोशन करे""""""

नेत्रदान ... महादान
 बहुत ही सटीक विषय आज मिला है .
....आँखे ...नज़र....     निगाह
  आज से कुछ साल पहले मैंने एक गाना सुनाथा ..
           ......इस जहा की नहीं ये तुम्हारी आँखे
             ....आसमान से ये किसने उतारी आँखे ....
                       ऐसे तो कई गीत आँखों .के सन्दर्भ मैं हमने सुने है ..
                         .मगर क्या कभी आपने किसी सूरदास यतो जिसको प्रभु  ने इस नायाब चीज़ से दूर रखा है ....... उनके दर्द की या  उनकी इस कमी का एह्शाश किया है ?.....और ..क्या ..हमने किसी ऐसे इन्सान की ख़ुशी का एहसास किया है जिसको किसीके नेत्र दान से प्रभु इस अलौकिक चीज़ का आनंद मिला है ...तो आज मैंने एक बहुत ही सुन्दर पोस्ट पढ़ी है ..जो मैं यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ .अगर ...............................................................किसी एक के भी दिल को छू जाएँ ................



एक 18 से 19 साल का लड़का ट्रेन मैं खिड़की के पास वाली सिट पर बैठा था ....
 अचानक वो जोर से चिल्लाया और  बोला देखो पिताजी पेड़ पीछे जा रहे है ."..
  उसके पिता ने उसके सर पर हाथ फिराया ....वो लड़का फिर चिल्लाया " पिताजी वो देखो आसमान मैं बदल भी ट्रेन के साथ चल रहे है ....पिताजी की आँखों से अंशु निकल आये ...पास बैठा आदमी ये सब देख रहा था .उसने कहा आपका बेटा इतना बड़ा होने के बावजूद ..क्यों ....?इसको किसी अच्छे डाक्टर को दिखाओ ............??????????
              तो उसके पिता जी ने कहा ... हल ही मई हाँ उसको डाक्टर के पास से ही ला रहे है ...कुछ दिन पहले ही उसको किसी भले इन्सान की आँखों का दान मिला है ..और कल ही उनकी आँखों से ये देख सकता है ..................मेरा बेटा जनम से अँधा था ...मगर आज पहली बार वो ....................????????????????
           इतना कहते हुए उसके पिता की आँखे नम  हो गयी .......
       """""""""   नेत्रदान करे किसीकी जिंदगी को रोशन करे"""""" ..
               

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