GOOD EVE NING ...MY..... & ...ONLY MINE ....
OH! SORRY ......NO... ONE ...IS ...ONLY ........
कोई बात नहीं दोस्तों वैसे भी हम जानते ही है .... कोई भी इस दुनिया में किसी एक का ही ......................दोस्त नहीं ..होता ...और ऐसी उम्मीद भी नहीं रखनी चाहिए ... क्योकि हर एक इन्सान की कीसिना किसीसे अलग ..अलग तरह की दोस्ती होती रहती है ... और इसी दोस्ती को लोग क्या क्या नाम दे देते है ....और ज्यादातर लोग दोस्ती और RELATION मैं ....अपना प्रभुत्व ज़माने लगते .है .... और दोस्ती को बोज़ ..यानि ...भार...LOAD बना देते है ...
इन सब मैं ज्यादातर इन्सान की मनोस्थिति प्रगट हो जाती है .......
ये मैं किशी एक के बारे मैं नहीं कह रहा हूँ ... लेकिन सोचना दोस्तों ....ज्यादातर ...यही होता है .....एक बार कोई हमारे थोडा सा भी करीब आजाता है ...तो हम उस पर अपना हक ज़माने लगते है ...क्यों की हमारे अन्दर भी एक डर सा लगा रहता है ...की कही वो हमसे दूर न होजाए ....उसी हक या तो डर के कारण कई बार हम अपने रिश्ते यातो दोस्ती मैं बहुत दूर होजाते है ....
इस लिए ..हमेशा ..दोस्ती और रिश्ते मैं कभी भी ....अपने स्वामित्व यातो हक नहीं जाताना चाहिए .....क्योकि दोस्ती और रिश्ते प्रेम की बुनियाद पर खड़े होते है और .. .प्रेम .......के बारे मैं मेरे एक दोस्त ने लिखा था ....
........
प्रेम मौन है ..
अगर हल्ला हो तो वो प्रेम नही,
शायद है दिखावा..
प्रेम लेना नही ..
प्रेम देना है..
अगर उसमे उम्मीद कि,
तो ज्यादा टिकता नहीं ...
प्रेम में भूल जाना है दुनिया को..
बस सिर्फ प्रेम करना है एक दूजे को..
गलती देखनी नहीं है दूजे की..
ये प्रेम नहीं है
परगलतिया दिखती ही नहीं दूजे कि,
इसे ही सच्चा प्रेम कहेते है ....और इसे ही सच्ची दोस्ती भी कहते है ...

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