विकाश आज यही एक बात ..सभी के दिलो दिमाग मैं छाई हुई है ... और हो भी रहा है ...चारो और विकाश हो रहा है ..इन्सान की तरक्की हो रही है ...उसके जीवन मैं एक बहुत ही बड़ी परिवर्तन की लहर दौड़ रही है ...मगर ये कैसा विकाश हो रहा है ...विकाश की इस दौड़ मैं इन्सान ने अपना ज़मीर और जज्बात दोनों को दूर .धकेल दिया है ...
और किसी ने ठीक ही कहा है ...विकास यानि तरक्की को अगर सही तरीके से पचाया नजाए तो उसके साथ विनाश भी ................ आही जाता है ...क्योकि विकास अगर केवल भौतिक विकास होगा तो वोह अपने साथ कई समस्या लेकर आता है ...और वैसी ही कुछ समस्या हमारे गुजरात मैं भी कई दिनों से कुछ कुछ लेवल पे बढ़ रही है ...और इसी बात को लेकर मेरा मन कुछ चिंतित होरहा है सो मैंने हमारे माननीय मुख्य मंत्री जी को एक पत्र लिखा है ...अगर आपको भी सही लगेतो इसे जरूर शेयर करना ...
बंधुवर ... नरेन्द्र भाई
नमस्कार ..
नए साल की बहुत बहुत सुभकामनाये ...
गुजरात मैं विकाश की बहुत ही अच्छी लहर दौड़ रही है ....रोज कुछ न कुछ नया डेवलोप हो रहा है ...नयी नयी कंपनी यहाँ इन्वेस्ट करने के लिए कतार मैं खडी है ..नए नए उद्योग लग रहे हैं ...चारो और ..नंबर १ पर बाते होरही है ...बहुत ही अच्छी बात है ...लेकिन ...उसके साथ ही यहाँ क्राइम भी दिन बी दिन बढ़ ही रहा है ...जैसे कोई इन्सान पैसे तरक्की की दौड़ मैं अपनी फॅमिली की सलामती को नज़र अंदाज़ कर ता है वैसे ही कुछ ..यहाँ भी लग रहा है ...क्या इस कीमत पे विकाश हमें मंजूर है ...? एक डर सा लग रहा है के क्या इस औद्योगीक क्रांति के बाद गुजरात का क्राइम रेट भी नंबर १ हो जायेगा ? .. माफ़ करना अगर कुछ ज्यादा लिख गया हु तो ..
मगर हमें आप पे विश्वाश है की गुजरात मैं ऐसा कभी नहीं होगा ...और आप जरूर इस बात को भी अपने ध्यान मैं रखकर ही विकाश करोगे ...आपका स्वप्न है सुखी समृध्ध और सलामत गुजरात और यही हम सबका भी ...वैसे तो गुजरात को विकास के पथ पर सर्वोत्तम बनाने के लिए हम आपके और आपके माता पिता जिन्होंने पुत्र रूप मैं गुजरात को आपकी भेट करने के लिए सदा आभारी है .
आपका ही भारतीय बंधू
रोहित पंड्या ...
जय हिंद .......

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