नमस्कार स्नेहीजनो ....
.........आज कल ........परसों ..और ..................रोज .......कुछ न कुछ लिखने को दिल करता ही है ..मगर कभी समय के अभाव से तो कभी सोच के अभाव से ...लिख नहीं पाते..
अभी त्योहारों का मौसम चल रहा है ...लोग कुछ नकुछ नया करने की सोच रहे है ..रोज नयी नयी शोपिंग करते रहते है ...घर की सजावट मैं लग जाते है ..मानो नए साल से कुछ नयी ही सुरुआत करने जा रहे हो .लेकिन क्या सही मैं नए साल से कोई भी अपने जीवन मैं कुछ नया बदलाव लाने की सोच ते है ?...तो क्यों न हम इस दिवाली को हमारे साथ साथ ..किसी एक जरूरत मंद की दिवाली भी हमारे अपने की तरह रंगीन बनादे ...
आज दिवाली है हम खुशिया बटोरते है ..
और खुशिया खोजने को हम क्या क्या नहीं करते ..
यहाँ जाते है ..वहा जाते है यहाँ से लाते है वहासे लाते है ..
कुछ लेते है तो कुछ देते भी है
मगर जहा देते है .वहिसे कुछ न कुछ लेते जरूर है
. .यही लेनदेन मैं खुशिया कब आती है ..और
कब चली जाती है पता ही नहीं चलता ......
खुशियों की तलाश मैं एक ख़ुशी जो कायम रहती है
वो अगर हमें मिलजाए .तो वो है.........
किशी जरूरत मंद के चहेरे की खुशी .
तो हमारी ख़ुशी को चार चाँद लग जाते है ....
इस लिए दोस्तों बस खुशियों के आदान प्रदान मैं ...
कम से कम एक चेहरे की खुसी तो जरूर हम बटोरे ..
नया साल आप सभी को इस ख़ुशी से आपको खुसहाल रखे इसी सुभकामना के साथ ...
.... सर्वतो भद्र संस्कार ........"वसुधैव कुटुम्बकम.......और आर के ग्रुप की बहुत बहुत सुभकामनाएँ ....
आपका ही रोहित पंड्या ....

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें