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गुरुवार, 14 जुलाई 2011

बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

    आज  फिर एक और धमाका ..आज दिल्ही  ..फिर से  धमाके     का शिकार ....जब मुंबई ...ब्लास्ट हुआ था  वैसा ही फिर...  से आज ....

मुंबई होया दिल्ही ...इंडिया ..हो या पाकिस्तान ..या तो कोई भी देश ..जब जब ये होता है ..तो ...क्योकि हर जगह बेटा बाप के लिए ..माँ बेटे के लिए पत्नी.. पतीके लिए बहन भाई के. लिए ..एक जैसे ही होती है ...और इस धमाके से... ..... ,कितनी ही जानें बस एसे चली जाती है.... जेसे हवा हो,
           
              किसी ने बेटा किसी ने पति किसी ने माँ,किसी ने पिता खो दिया . उनके दर्द को हम लोग शायद  समझ सकते है मैंने एक छोटी सी कोशिश की है समझने की... ..
जब सुबह घर से काम के लिए निकले किसी के पापा घर नहीं लौटते होंगे तो क्या भावनाएं हो सकती है....मैंने एक पोस्ट पढ़ी थी ...वाही यहाँ पोस्ट की है ...

पापा तुम घर क्यों न लौटे?
मैंने तो सोचा था आज जब आओगे तो मेरे लिए मीठी टॉफी लाओगे
ना लाओगे तो में जिद करके तुम्हारे ऊपर झूम जाऊंगी
पर में इन्तेजार ही करती रह गई तुम नहीं आए
अब कौन मुझे टॉफी लाकर देगा?

देखो ना तुम्हारे जाने से मैं अकेली हो गई
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

सब कहते है तुम चले गए
पर कहा चले गए पापा तुम?
सुबह तो कहकर गए थे कि जल्दी आऊंगा
तुम्हे बाहर घुमाने ले जाऊंगा
पर अब तो इतनी देर हो गई कल से आज तक नहीं आए .
अब में किसके कंधे पर बैठकर बाहर जाउंगी?
जब आओगे तो खूब रूठकर बेठुंगी तुमसे

बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

माँ कल तक कितनी सुन्दर दिखती थी
लाल चूड़ियों ,हरी साडी ,और लाल बिंदी में
पर आज जाने क्यों सारे रंगों से अचानक दूर हो गई
पापा जब वापस आओगे तो माँ को कहना कि एसे रंगों से दूर ना रहे
उनपर रंग बड़े अच्छे लगते है

तुम्हारे ना आने से देखो माँ के सारे रंग चले गए
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

कल शाम से ही दादी रो रही है
इतनी जोर से रोती है कि सारा मोहल्ला इकठ्ठा हो गया है
मै कब से चुप करने कि कोशिश कर रही हु पर वो चुप ही नहीं होती
पापा तुम ही कहते थे ना शोर मत करो पड़ोसियों को तकलीफ होती है
पर जाने क्यों आज दादी ये बात भूल गई है
पापा जब आओगे तब दादी को जरूर समझाना
वो रोती हुई अच्छी नहीं लगती मुझे

देखो ना तुम्हारे जाने से दादी कि आँखों में कितने आंसू है
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

कल से दादा कितने बदहवास से है
जाने कहाँ कहाँ फ़ोन लगाते है
बार बार छाता उठाकर जाने कहा जाते है
देखो ना उन्हें तो पानी में जाना बिलकुल पसंद नहीं
आज उनने मम्मी से बरसात में कुछ गरमा गरम बनाने के लिए भी नहीं कहा
कल से कुछ नहीं खाया उनने
उनकी तबियत बिगड़ जाएगी .....
जब आओगे तो उन्हें प्यार से खिलाना और मीठी सी डांट भी लगाना

सुनो ना आपके जाने से देखो उनके मुह से निवाला नहीं उतरता
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

देखो ना कल से सब बस न्यूज़ चैनल देख रहे है,कोई मुझे कार्टून नहीं देखने देता
हमारे प्यारे घर में भीड़ इकट्ठी हो गई है
सब रोते है ,कितने गंदे लगते है सब रोते हुए
मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा
सब क्यों बार बार मेरे सर पर हाथ फेर रहे है
जेसे में बिचारी हु
माँ को भी सब एसे ही देख रहे है

देखो ना आपके जाने से सबके चेहरे से मुस्कान चली गई
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

जल्दी आ जाओ ना पापा
मैं आपको बिलकुल तंग नहीं करुँगी
गुडिया , टॉफी कुछ नहीं मांगूंगी
आपसे रिमोट भी नहीं लूंगी,आपके कंधे पर भी चढूँगी
आ जाओ ना पापा

देखो ना आपके जाने से कुछ भी अच्छा नहीं लगता
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?
 ......kya yahi life hai .....?????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????
.....

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