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शनिवार, 30 जुलाई 2011

हर महादेव ...............शंकर - सबका कल्याण करने वाले

हर  महादेव ..............
दोस्तों  यह  पोस्ट  मैंने  श्रवण मास मैं लिखी थी .... 

 ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम् ।


उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षिय माऽमृतात् ....
        आज से श्रावन मास का सुभारम्भ होगया है ..... पूरा वातावरण शिवमय होजायेगा .....
आप सब भी भोले संभु  की आराधना करके ही अपने दिन की सुरुआत करे .इसी शुभ कामना के साथ आज कुछ ...लिखने से पहले  कदाचित आपको पता न होतो  एक वेब एड्रेस 
दे रहा हूँ ..जिससे आप श्री सोमनाथ महादेव के घर बैठे ही लाइव  दर्सन     कर पाएंगे  .......
www.somnath.org/live-darshan.aspx
 ......... शिव .........क्या आप लोग जानते हो ...इस एक बोले बाबा के नाम का अर्थ क्या है ...?शिव का मतलब होता है सुभ स्वरुप  ..auspicious one   एक ही सुभ है इस जगत मैं जो है शिव .....निराकार निरंजन भोले शम्भू के वैसे तो बहुत से नाम प्रचलित है ...उनमे से कुछ जो भी मैं जनता हूँ आप सब के सामने रख रहा हूँ ..
 
भगवान शिव के 108 नाम [ 108 Names of Lord Shiva ]


अनंत, अनादि, अनीश्वर, देवों के देव महादेव को क्या नाम से पुकारु ? इस अजर, अमर, अविनाशी के जितने नामों से मैं परिचय कर पाया; आपका भी परिचय करवाना चाहता हूँ ।
1.शिव - कल्याण स्वरूप

2.महेश्वर - माया के अधीश्वर

3.शम्भू - आनंद स्स्वरूप वाले

4.पिनाकी - पिनाक धनुष धारण करने वाले

5.शशिशेखर - सिर पर चंद्रमा धारण करने वाले

6.वामदेव - अत्यंत सुंदर स्वरूप वाले

7.विरूपाक्ष - भौंडी आँख वाले

8.कपर्दी - जटाजूट धारण करने वाले

9.नीललोहित - नीले और लाल रंग वाले

10.शंकर - सबका कल्याण करने वाले

11.शूलपाणी - हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले

12.खटवांगी - खटिया का एक पाया रखने वाले

13.विष्णुवल्लभ - भगवान विष्णु के अतिप्रेमी

14.शिपिविष्ट - सितुहा में प्रवेश करने वाले

15.अंबिकानाथ - भगवति के पति

16.श्रीकण्ठ - सुंदर कण्ठ वाले

17.भक्तवत्सल - भक्तों को अत्यंत स्नेह करने वाले

18.भव - संसार के रूप में प्रकट होने वाले

19.शर्व - कष्टों को नष्ट करने वाले

20.त्रिलोकेश - तीनों लोकों के स्वामी

21.शितिकण्ठ - सफेद कण्ठ वाले

22.शिवाप्रिय - पार्वती के प्रिय

23.उग्र - अत्यंत उग्र रूप वाले

24.कपाली - कपाल धारण करने वाले

25.कामारी - कामदेव के शत्रु

26.अंधकारसुरसूदन - अंधक दैत्य को मारने वाले

27.गंगाधर - गंगा जी को धारण करने वाले

28.ललाटाक्ष - ललाट में आँख वाले

29.कालकाल - काल के भी काल

30.कृपानिधि - करूणा की खान

31.भीम - भयंकर रूप वाले

32.परशुहस्त - हाथ में फरसा धारण करने वाले

33.मृगपाणी - हाथ में हिरण धारण करने वाले

34.जटाधर - जटा रखने वाले

35.कैलाशवासी - कैलाश के निवासी

36.कवची - कवच धारण करने वाले

37.कठोर - अत्यन्त मजबूत देह वाले

38.त्रिपुरांतक - त्रिपुरासुर को मारने वाले

39.वृषांक - बैल के चिह्न वाली झंडा वाले

40.वृषभारूढ़ - बैल की सवारी वाले

41.भस्मोद्धूलितविग्रह - सारे शरीर में भस्म लगाने वाले

42.सामप्रिय - सामगान से प्रेम करने वाले

43.स्वरमयी - सातों स्वरों में निवास करने वाले

44.त्रयीमूर्ति - वेदरूपी विग्रह करने वाले

45.अनीश्वर - जिसका और कोई मालिक नहीं है

46.सर्वज्ञ - सब कुछ जानने वाले

47.परमात्मा - सबका अपना आपा

48.सोमसूर्याग्निलोचन - चंद्र, सूर्य और अग्निरूपी आँख वाले

49.हवि - आहूति रूपी द्रव्य वाले

50.यज्ञमय - यज्ञस्वरूप वाले

51.सोम - उमा के सहित रूप वाले

52.पंचवक्त्र - पांच मुख वाले

53.सदाशिव - नित्य कल्याण रूप वाले

54.विश्वेश्वर - सारे विश्व के ईश्वर

55.वीरभद्र - बहादुर होते हुए भी शांत रूप वाले

56.गणनाथ - गणों के स्वामी

57.प्रजापति - प्रजाओं का पालन करने वाले

58.हिरण्यरेता - स्वर्ण तेज वाले

59.दुर्धुर्ष - किसी से नहीं दबने वाले

60.गिरीश - पहाड़ों के मालिक

61.गिरिश - कैलाश पर्वत पर सोने वाले

62.अनघ - पापरहित

63.भुजंगभूषण - साँप के आभूषण वाले

64.भर्ग - पापों को भूंज देने वाले

65.गिरिधन्वा - मेरू पर्वत को धनुष बनाने वाले

66.गिरिप्रिय - पर्वत प्रेमी

67.कृत्तिवासा - गजचर्म पहनने वाले

68.पुराराति - पुरों का नाश करने वाले

69.भगवान् - सर्वसमर्थ षड्ऐश्वर्य संपन्न

70.प्रमथाधिप - प्रमथगणों के अधिपति

71.मृत्युंजय - मृत्यु को जीतने वाले

72.सूक्ष्मतनु - सूक्ष्म शरीर वाले

73.जगद्व्यापी - जगत् में व्याप्त होकर रहने वाले

74.जगद्गुरू - जगत् के गुरू

75.व्योमकेश - आकाश रूपी बाल वाले

76.महासेनजनक - कार्तिकेय के पिता

77.चारुविक्रम - सुन्दर पराक्रम वाले

78.रूद्र - भक्तों के दुख देखकर रोने वाले

79.भूतपति - भूतप्रेत या पंचभूतों के स्वामी

80.स्थाणु - स्पंदन रहित कूटस्थ रूप वाले

81.अहिर्बुध्न्य - कुण्डलिनी को धारण करने वाले

82.दिगम्बर - नग्न, आकाशरूपी वस्त्र वाले

83.अष्टमूर्ति - आठ रूप वाले

84.अनेकात्मा - अनेक रूप धारण करने वाले

85.सात्त्विक - सत्व गुण वाले

86.शुद्धविग्रह - शुद्धमूर्ति वाले

87.शाश्वत - नित्य रहने वाले

88.खण्डपरशु - टूटा हुआ फरसा धारण करने वाले

89.अज - जन्म रहित

90.पाशविमोचन - बंधन से छुड़ाने वाले

91.मृड - सुखस्वरूप वाले

92.पशुपति - पशुओं के मालिक

93.देव - स्वयं प्रकाश रूप

94.महादेव - देवों के भी देव

95.अव्यय - खर्च होने पर भी न घटने वाले

96.हरि - विष्णुस्वरूप

97.पूषदन्तभित् - पूषा के दांत उखाड़ने वाले

98.अव्यग्र - कभी भी व्यथित न होने वाले

99.दक्षाध्वरहर - दक्ष के यज्ञ को नष्ट करने वाले

100.हर - पापों व तापों को हरने वाले

101.भगनेत्रभिद् - भग देवता की आंख फोड़ने वाले

102.अव्यक्त - इंद्रियों के सामने प्रकट न होने वाले

103.सहस्राक्ष - अनंत आँख वाले

104.सहस्रपाद - अनंत पैर वाले

105.अपवर्गप्रद - कैवल्य मोक्ष देने वाले

106.अनंत - देशकालवस्तुरूपी परिछेद से रहित

107.तारक - सबको तारने वाला

108.परमेश्वर - सबसे परे ईश्वर

एक संकलन किया है ...अच्छा लगे तो एक बार पढ़ लेना .....कल्याणमस्तु .....










रविवार, 24 जुलाई 2011

प्रेम ...और ...विवाह

नमस्कार मित्रो ......
 बहुत ही अच्छा विषय मिला है आज बात करने को ... ..गूढ़  ...और ..गंभीर  विषयो पे बात करते हुए आज
एक दोस्त के पोस्टिंग से मुझे एक बहुत ही रोमांचित  विषय पर बात करने का मौका मिला .....
प्रेम ...और ...विवाह .... और प्रेम विवाह .....

       आज तो यह सब्द सामान्य हो गया है ...क्योकि .....सब को अच्छा भी लगता है ...किसको अच्छा नहीं लगेगा ...क्यों..?गलत बोलरहा हूँ....
 ....दुनिया मैं सभी को अरे पशु और पक्षी ओ को भी कोई उससे प्रेम करे वो अच्छा  ही लगता है ...
लेकिन आज प्रेम का मतलब ही बदल चूका है ....लोग किशी से भी प्रेम करे तो ..उसको पा लेने को ही प्रेम कहते है ... अगर वो नमिले तो.... ..एक दोस्त ने अपने पोस्टिंग मैं बहुत ही अच्छा संवाद लिखाथा ...जिससे प्रेम  की पूरी परिभासा मिलजाती है...
एक बार राधा से श्रीकृष्ण से पूछा - हे कृष्ण ! तुम प्रेम तो मुझसे करते हों परंतु तुमने विवाह मुझसे नहीं किया , ऐसा क्यों ? मैं अच्छे से जानती हूं तुम साक्षात भगवान ही हो और तुम कुछ भी कर सकते हों , भाग्य का लिखा बदलने में तुम सक्षम हों , फिर भी तुमने रुकमणी से शादी की , मुझसे नहीं।


राधा की यह बात सुनकर श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया - हे राधे ! विवाह दो लोगों के बीच होता है। विवाह के लिए दो अलग-अलग व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। तुम मुझे यह बताओं राधा और कृष्ण में दूसरा कौन है। हम तो एक ही हैं। फिर हमें विवाह की क्या आवश्यकता है। नि:स्वार्थ प्रेम, विवाह के बंधन से अधिक महान और पवित्र होता है। इसीलिए राधाकृष्ण नि:स्वार्थ प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं और सदैव पूजनीय हैं। ......
 आज इतना ही .... मिलते है ....                               
                                  आपका ही रोहित पंड्या ...

गुरुवार, 21 जुलाई 2011

change .................. module ......

नमस्कार मित्रो ......
 ...........................आज मैंने .कही से पढ़ा हुआ एक कोलम यहाँ ...पोस्ट कर रहा हूँ.. मुझे ..अच्छा लगा शायद आपको भी ...सही लगेगा ....
    हमारे देश मैं जितनी जल्दी कोई फिल्म रिलीज होती है ...उससे ज्यादा जल्दी लहू ..के दाग मिट जाते है ....जब आप ये पढ़ रहे होंगे तब मुंबई ब्लास्ट के न्यूज़ कदाचित आप भूल भी गए होंगे ...लेकिन वोट के बदले मौत लेने वाले एक आम हिन्दुस्तानी के घाव अभी तक या तो कभी भी नहीं मिट शकते है ...फिर से हम अपने अपने काम मैं लग गए .... लेकिन इस ब्लास्ट मैं जिन्होंने भी अपना कुछ खोया है ...अरे कुछ लोगो ने तो  अपना सब कुछ खो दिया है ..... वो क्या ये भूल शकेंगे ....? कब तक चले गा ....?कुछ ..कवी ..और शायरो ने लिखा है ........
 .. महेनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती ....
..पुलिश की मार सबसे खतरनाक नहीं होती ...
...गद्दारी और लोभ की मुठ्ठी सबसे खतरनाक नहीं होती.....
......................लेकिन .....
सबसे खतरनक् होता है मुर्दा सांति से भर जाना ...
तड़प का न होना .......................................
सब कुछ सहन कर जाना .....
घर से निकलना काम पर और ...
 .....काम से लौट कर न आना....सबसे ...
खतरनक् होता है ...हमारे सपनो का मार जाना ....
 ................सबसे खतरनाक ......वो चाँद होता है ...
जो हर हत्या कांड के बाद भी वीरान हुए आँगन मैं चढ़के आता है ..
......................हमारी आज को दाव पे लगा के हर पाँच साल के बाद वो आजाते है ..हमारी कल को सवारने के लिए ..और हम भी एक ..नादाँ की तरह ...उनको ..मान भी लेते है ... दे देते है अपनी रखा और खुश हाली की जिम्मेदारी उनके कंधो पर ..
..जैसे ... गुलज़ार सब ने कहा है की ..
..".आदतन तुमने कर दिए वादे ...
आदतन हमने एतबार  कर लिया...."
लेकिन अब ....
"अब न मांगेंगे जिन्दगी या रब ...
ये गुनाह हमने एक बार कर लिया" ....
......उनके कानो तक ये आवाज़ कदाचित नहीं पहुचेगी ...लेकिन ...
उनको क्या अपनी रोटी मैं हमारे खून की बू भी नहीं आती होंगी ...
..क्योकि ..आज ..एक आदमी रोटी बेलता है ...एक रोटी शेकता है ..एक उसे खता है ..और एक ...रोटी से ही खेलता रहता है ...
.........कौन है ये .. जो रोटी से खेलता रहता है ....?लेकिन इन सबसे हमें क्या......?
क्योकि ...लोहे का स्वाद लोहार से मत पूछो ...घोड़े से पूछो ...
जिसके मुंह मैं लगाम है ....
 .......वैसे ही ...इनसब बातो का ..ख्याल तो उनको ही होगा जिस किशिने भी अपना ..बेटा खोया है ...किशिने अपना शिन्दूर मिटाया है ..यतो किशिने उशको स्कूल भेजने वाला पिता खोया है ..
क्या बस बातो से ही काम चल जायेगा ...
 ....लेकिन सिर्फ हंगामा पैदा करना मेरा मकसद नहीं ...मेरी कोशिश है की सूरत बदलनी चाहिए ...
change module ........

tere aane ki jab khabar............


तेरे आने की जब खबर महके


तेरी खुशबू से सारा घर महके ....

शाम महके तेरे तसब्वुर से

शाम के बाद फिर सहर महके ....

रात भर सोचता रहा तुझको

ज़हनो दिल मेरे रात भर महके ...
 what a lyrics ........ also superb sing by jagjit shih .....

बुधवार, 20 जुलाई 2011

लम्हों के पीछे हम लम्हे जुटाने को.... जिन्दगी लुटाते रहे ......

good morning ...
 ....................................all my friends .....
 .............................................after ..some time ...... come ... with new subject .....
 when i see ..in our rural area .... ..the people having lots of problem .... they live life with many problems .....but ... they all r happily live with many ..problems ...bcuz
"आशायाः ये दासाः ते दासाः सर्वलोकस्य ।आशा येषां दासी तेषां दासायते लोकः ॥"
...........Those who are the slaves of 'desire' are slaves of the entire world. But world itself is the slave of those to whom 'desire' is a slave.......

             they live without ..... disire ... no new hopes ....
 in life when ..we achive lots of money ....we achive status .... we achive ... what  we want .......but we dont achive satisfaction ..of living of life .... why .....?  our life style ..          bcuz we r ... only run ......run ..& run ..... no one the last stage of us .. ..so .... we all ... find ..some moment of ...  happiness...
  where ...........this moment ... ? we all r dont know ....
 .......if we find ...heartly..... not ....by mind ... a lots of moment of happiness ..r near... to us ... in our ... smallest ...     life ....
"अगर हम देखने जाये तो ये सारे लम्हे हमारे बिलकुल करीब से ही मिल जायेंगे ..मगर हम ख़ुशी के चन्द लम्हे जुटाने के लिए उनके पीछे भागते ही रहते है ..बस भागते रहना ही हमारी जिन्दगी बन गयी है ...... "

 "बस कोहरा है तन्हाई का , अंधेरे में सोयी राहें हैं ,
खुद भटके हुए मुसाफिर हमे , रास्ता दिखाते रहे .
बीते दिन बीते लम्हे , हमे याद आते रहे .
गुज़रे ज़माने ज़िन्दगी भर ,साथ निभाते रहे" ......
                                              
      वो कागज़ की कसती वो बारिस का पानी ..                                       
"    वो यारो की महफिल, वो मुस्कुराते पल,
दिल से जुदा हे अपने बिता हुआ कल...
कभी गुजरती थी ज़िन्दगी लम्हों को जुटाने में,
आज वक़्त गुजर जाता हे, कागज़ के पत्ते कमाने में..."




એ ગુજરેલ લમ્હોની દિવસ-રાત યાદ આવે છે.

નશા અને ધૂઆમાં ઉડાડેલી રાતોથી માંડી,

સૂરજની પહેલી કિરણોથી સજેલી પ્રભાત યાદ આવે છે.

કેવી રંગ-બે-રંગી હતી દુનિયાં આપણી!



દરેક ખુશી છે અહિ  લોકો પાસે

પણ હસવા માટે સમય નથી

દિવસ-રાત દોડતી દુનિયા મા

જિંદગી માટે પણ સમય નથી
મા ના હાલરડાં નો અહેસાસ છે

...પણ મા ની મમતા માટે સમય નથી

બધા નામ મોબઈલ મા છે પણ

મિત્રતા માટે સમય નથી

આંખો મા છે ઊંઘ ઘણીયે

પણ સુવા મટે સમય નથી

દિલ છ ગમો થી ભરેલું

પણ રોવા માટે સમય નથી

પૈસા ની દોડ મા એવા દોડ્યા

કે થાકવા નો પણ સમય નથી

તુ જ કહે મને એ

શુ થશે આ જિંદગી નુ

દરેક પળે મરવા વાળા ને

જિવવા માટે પણ સમય નથી




                                      ..................    हम लम्हे जुटाने  को जिन्दगी लुटाते रहे ...............

शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

"SARVTO BHADRA SANSKAR...": Chanakya Speech at Kaikayraj Sabha

"SARVTO BHADRA SANSKAR...": Chanakya Speech at Kaikayraj Sabha: "today ..............gurupurnima ................. this speech ..is ..most ....power ful speech for guru ... must .....see.... &also share..."

Chanakya Appeals to Dhananda can we....?

today ......................? .... who is dhananand .............?...........lots of in india .... kya bharat ko ek aur chankya milsakta hai ...? no one ...?.... think .... same position of india .......

Chanakya Speech at Kaikayraj Sabha


today ..............gurupurnima .................
this speech ..is ..most ....power ful speech for guru ...
must .....see.... &also share with all friends .....

"SARVTO BHADRA SANSKAR...": बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

"SARVTO BHADRA SANSKAR...": बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?: " .............. namskar dosto ..... ......... a ..... kal sham ko jab main ghar pahocha.. to tv main news main dekha ... ke mu..."

गुरुवार, 14 जुलाई 2011

बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

    आज  फिर एक और धमाका ..आज दिल्ही  ..फिर से  धमाके     का शिकार ....जब मुंबई ...ब्लास्ट हुआ था  वैसा ही फिर...  से आज ....

मुंबई होया दिल्ही ...इंडिया ..हो या पाकिस्तान ..या तो कोई भी देश ..जब जब ये होता है ..तो ...क्योकि हर जगह बेटा बाप के लिए ..माँ बेटे के लिए पत्नी.. पतीके लिए बहन भाई के. लिए ..एक जैसे ही होती है ...और इस धमाके से... ..... ,कितनी ही जानें बस एसे चली जाती है.... जेसे हवा हो,
           
              किसी ने बेटा किसी ने पति किसी ने माँ,किसी ने पिता खो दिया . उनके दर्द को हम लोग शायद  समझ सकते है मैंने एक छोटी सी कोशिश की है समझने की... ..
जब सुबह घर से काम के लिए निकले किसी के पापा घर नहीं लौटते होंगे तो क्या भावनाएं हो सकती है....मैंने एक पोस्ट पढ़ी थी ...वाही यहाँ पोस्ट की है ...

पापा तुम घर क्यों न लौटे?
मैंने तो सोचा था आज जब आओगे तो मेरे लिए मीठी टॉफी लाओगे
ना लाओगे तो में जिद करके तुम्हारे ऊपर झूम जाऊंगी
पर में इन्तेजार ही करती रह गई तुम नहीं आए
अब कौन मुझे टॉफी लाकर देगा?

देखो ना तुम्हारे जाने से मैं अकेली हो गई
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

सब कहते है तुम चले गए
पर कहा चले गए पापा तुम?
सुबह तो कहकर गए थे कि जल्दी आऊंगा
तुम्हे बाहर घुमाने ले जाऊंगा
पर अब तो इतनी देर हो गई कल से आज तक नहीं आए .
अब में किसके कंधे पर बैठकर बाहर जाउंगी?
जब आओगे तो खूब रूठकर बेठुंगी तुमसे

बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

माँ कल तक कितनी सुन्दर दिखती थी
लाल चूड़ियों ,हरी साडी ,और लाल बिंदी में
पर आज जाने क्यों सारे रंगों से अचानक दूर हो गई
पापा जब वापस आओगे तो माँ को कहना कि एसे रंगों से दूर ना रहे
उनपर रंग बड़े अच्छे लगते है

तुम्हारे ना आने से देखो माँ के सारे रंग चले गए
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

कल शाम से ही दादी रो रही है
इतनी जोर से रोती है कि सारा मोहल्ला इकठ्ठा हो गया है
मै कब से चुप करने कि कोशिश कर रही हु पर वो चुप ही नहीं होती
पापा तुम ही कहते थे ना शोर मत करो पड़ोसियों को तकलीफ होती है
पर जाने क्यों आज दादी ये बात भूल गई है
पापा जब आओगे तब दादी को जरूर समझाना
वो रोती हुई अच्छी नहीं लगती मुझे

देखो ना तुम्हारे जाने से दादी कि आँखों में कितने आंसू है
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

कल से दादा कितने बदहवास से है
जाने कहाँ कहाँ फ़ोन लगाते है
बार बार छाता उठाकर जाने कहा जाते है
देखो ना उन्हें तो पानी में जाना बिलकुल पसंद नहीं
आज उनने मम्मी से बरसात में कुछ गरमा गरम बनाने के लिए भी नहीं कहा
कल से कुछ नहीं खाया उनने
उनकी तबियत बिगड़ जाएगी .....
जब आओगे तो उन्हें प्यार से खिलाना और मीठी सी डांट भी लगाना

सुनो ना आपके जाने से देखो उनके मुह से निवाला नहीं उतरता
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

देखो ना कल से सब बस न्यूज़ चैनल देख रहे है,कोई मुझे कार्टून नहीं देखने देता
हमारे प्यारे घर में भीड़ इकट्ठी हो गई है
सब रोते है ,कितने गंदे लगते है सब रोते हुए
मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा
सब क्यों बार बार मेरे सर पर हाथ फेर रहे है
जेसे में बिचारी हु
माँ को भी सब एसे ही देख रहे है

देखो ना आपके जाने से सबके चेहरे से मुस्कान चली गई
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?

जल्दी आ जाओ ना पापा
मैं आपको बिलकुल तंग नहीं करुँगी
गुडिया , टॉफी कुछ नहीं मांगूंगी
आपसे रिमोट भी नहीं लूंगी,आपके कंधे पर भी चढूँगी
आ जाओ ना पापा

देखो ना आपके जाने से कुछ भी अच्छा नहीं लगता
बताओ ना पापा तुम घर क्यों ना लौटे?
 ......kya yahi life hai .....?????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????
.....

मंगलवार, 12 जुलाई 2011

RELATION ..... weather .... fillings .....

good noon friends ....
             after some time .... we come on topics .... abous relation .....
   whats the relation ...bitween ...weather ...& ;fillings ....?
what a beutyful weather in monsoon ..... weather also romantic ....
jab  reemzeem baris ho rahi ho .......tab hamara jism aur ruh ...apne aap ..romantic ho jata hai .....
dil .......... lagta hai aur hoth apne aap ... gane lagate hai ....
         ..mausam hai aashiqana e dil kahise unko aise me dhundh lana .....
 kya hota hai aisa ........../?
agar haaaaaaaa .........................to relation hai.. mausam ..aur bhavnao k bich main ....
lekin agar mausam ho beiman ho to ..... ............
 agar old hindi song ki lyrics ... k bare main ,,,sochenge to gana sunane se bhi jyada maja ...aayega ...
..ok ...dosto aaj likhne ko koi subject nahi mila to jobhi dimag mai aaya vahi likh diya hai ...
agar boring lage to maf karna ......

गुरुवार, 7 जुलाई 2011

music & fillings ......

..
.................whats relation beet ween music & fillings ..................................... when we think about relation .... we dont  think ...only for human relation but .... we also think about ..... other internal relation ......................... one of them is relation bitween
                                                          music ....... & .....fillings ......
think ....... when ..we ..play ... some different type of music ...
sometime we .. play some romantic music whats the filling in us ...
& also try some sad song . whats filling in us .....
so mostly .... some defferent music ........ bear on our fillings .....
this is the relation ...beetween   music & fillings ....
if u dontagri with  me pls try .... it ..
 sorry .............. if bored ...................
 take care.... think .... about it .....
 music is best way ...... to change mood ....
&                   this is proof relation bitween music & fillings ....

शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

maaaaaaaaaa.................

नमस्कार ...........
                        ...स्नेहीजनो .....
   कल की बात को आगे बढ़ाते है .... आपको आज मैंने स्नेही जन बताया क्या हुआ ....
 आपसे एक रिश्ता कायम किया है ... बस रिश्ता बनाने के लिए इतनी ही दूरी है ...
आपका और हमारा रिश्ता क्या है ... कोई कहेगा कुछ भी नहीं ....
        लेकिन मै कहूँगा बहुत कुछ है ..... 'रिश्ते बनाये नहीं जाते वो तो आप ही बन जाते है..लेकिन ... उसकी डोर बहुत नाजुक होती है ...कब टूट जाये ... ये पता ही नहीं चलता ......
......... दोस्तों ... अज सबसे पहले हम  हमारी फॅमिली relation के बारे मैं बात करते है ...
सबसे बड़ा रिश्ता हमारा माता  के साथ होता है ... कितना सुन्दर सब्द है ....."माँ"जितना सुन्दर सब्द है उतना ही गहरा और प्यारा सा रिश्ता है माँ और बच्चे का ....
क्योकि ..वोह रिश्ता कभी कोई बना नहीं सकता .. वो अपने नसीब से ही मिलजाते है ...
जो रिश्ता हम बनाते नहीं ... उसे पुरुषार्थ नहीं प्रारब्ध कहते है ....
माता और संतान के रिश्ते मैं कुदरती  और मानवीय दोनों काम करते है ....
माँ के ह्रदय मैं कुदरत ने प्रचंड मोह का भंडार रख दिया है ...माँ अपना पूरा प्रेम का खजाना अपने संतान के लिए न्योछावर कर देती है ...
    माँ के बारेमें बहुत लिखा गया है .... इसलिए .. ज्यादा लिखने की जरूरत नहीं है 
मैंने कही एक गीत सुना था माँ के बारे मैं बहुत कुछ कह जाता है ....अगर आपको पसंद आये तो ...आप 
भी ............................माँ को  दुनिया मै सबसे अव्वल  दर्जा दिया गया है .....
...
 
अज इतना  ..... ही ............लास्ट मैं ..
".माँ   की  एक  दुआ  जिंदगी  बना  देंगी .
खुद  रोयेंगी  मगर  आपको  हंसी  देंगी .
कभी  भूलकर  भी  माँ  को  न  रुलाना .
एक  छोटी  सी  ”बददुआ ” पूरा   अर्श  हिला  देंगी "