नमस्कार ..............
...........................दोस्तों ......
टेंसन क्या होता है ......... यह बात कल मुझे पता चली ...... दो दीन से एक प्रोब्लेम .... अचानक कहा से आ गयी ...
पता ही नहीं चला ....... पहले जब लोग कहते थे ..... आज थोडा सा टेंसन ...परेशानी है तो मै हसी में उडा देता था
लेकिन जब खुद पे बन आई तो महसूस किया की परेशानी क्या होती है .....
खेर ... वोतो... आई और चली भी गयी लेकिन जीने की एक नयी राह.... दिखाके गयी ...
....... फिर भी आपसे बात कर के मैंने अपनी परेशानी को भी थोडासा कम कर लिया .........
आप सब का आभार.......... ...
कोई कहता है की कहने से गम कम नहीं होते .....
आज मैंने जाना की कहने से गम... गम ही नहीं रहते....
..... दोस्तों .... दो दिन तक मै कुछ लिख नहीं पाया .... और आज जब लिख ने बैठा हूँ तो अपनी परेशानी आपके ऊपर थोप रहा हूँ..... माफ़ करना दोस्तों लेकिन मैंने पहले लिखा था की .......
"गते शोको न कर्तव्यो भविष्यं नैव चिंतयेत्।
वर्तमानेन कालेन वर्तयंति विचक्षणाः॥"
और वैसे भी सर्वतो भद्र के बारे मैं भी शोचकर निकले..
तो आप जरुर ... किसीका भला कर देंगे .. और आपको पता भी नहीं चलेगा .... और ///आपका कोई नुकसान भी नहीं होगा...
और आपको एक अनन्य आनंद की प्राप्ति होगी...
इस लिए मैंने आपको एक अनन्य आनंद की प्राप्ति देने के लिए आपको यह सब लिखा है .. ......वर्ना ....
.......जब परेशानी आती है तब लिखना पड़ता है ...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें