.. good ... morning friends .....
.... philoshophy ..... और ... social जैसे .... critical subject पे बहुत बाते करली ..... दोस्तों ... ....
आज मन करता है कुछ,....... और बात करते ....है ... कुछ अलग कुछ हँसने की बात कुछ हँसाने की बात .... .... on joyfull topic ..........
आपको लगता है कर सकूँगा ऐसी कुछ बात .... मैं भी सौच रहू हु दोस्तों क्या बात करू ....
कोनसे विषय पे सुरुआत करू....... चलो कुछ सोचता हूँ.... आपको भी खुश करने की कोशिश करता हूँ... काफी देर तक गंभीर विषयों पे चर्चा करली .... आज मुझे भी लगता है कुछ .......नया कुछ intresting ......
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........... मेरे एक दोस्त ने FACE BOOK की wall पे ये पोस्ट रखी है .....
बहुत ..... कम लोग इसी ख़ुशी को .... ले पाते है .......
आजभी ...हम जब घर मै... परिवार के साथ होते है .... तो हमारे .. माता पिता कुछ न कुछ पुरानी बाते ... यतो उनके लम्हों को याद करते है ....और उन यादो मैं ही कोई ...वो लोग खुश रहते है.... ... और कुछ बातो मैं तो हमें भी खुश कर जाते है ...
ऐसी ही कुछ बाते जो मेरे पापा .. कई बार ... कहते रहते है वोह मैं आपके साथ बाँट रहा हूँ ..
मेरे पापा अक्स़र एक आदमी के बारे मैं बात करते है ...
उसका नाम है देवा ..........
देवा एक .... बहुत ही आराम प्रिय और .....आलसी ... अपनी ही मस्ती मैं मस्त रहने वाला .. इन्सान था... वोह ..मेरे पापा के मित्र नतु भाई जो एक आश्रम चलाते है ...उनके वहा रहता था ...और बस आनंद करता था ...
एक दिन देवा ने कहा .... नतु भाई एक दिन मेरे ऊपर से ...कितनी ही ट्रक ..ट्रक्टर ... जीप ..और बहुत ही गाड़िया चली थी ....
नतु भाई ने कहा .... क्या बात करता है क्यों झूठ बोलता है ... एसा कभी हो सकता है ...
उसने बोला ...नहीं नतु भाई मै सच कह रहा हूँ ..
नतु भाई ने कहा..... इतनी गाड़िया जाने के बाद भी तुजे कुच्छ नहीं हुआ ...
तो उसने कहा ....कहा से होगा मैं पूल के निचे सोया हुआ था.....
इसी ही कई बाते... जो मेरे पापा की जुबान से सुने तो हम भी खुश होजाते है...
.........एकदिन नतु भाई के आश्रम मैं एक आदमी साँस की बीमारी के चलते आया ...
वोह नातुभई से बोला नतु भाई ये साँस की बीमारी से मैं परेसान होगया हूँ.
कुछ इलाज बतइए....
उसी वक़्त देवा भी वही था .... ..तुरंत वोह बोला इलाज है ..... मेरे पास ....
मिलते है ......
ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो ...
ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो ...
आज पनीर नहीं है , दाल में ही खुश रहो ...
आज जिम जाने का समय नहीं , दो कदम चल के ही खुश रहो ..
जिसे देख नहीं सकते उसकी आवाज़ में ही खुश रहो
ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो ...
आज पनीर नहीं है , दाल में ही खुश रहो ...
आज जिम जाने का समय नहीं , दो कदम चल के ही खुश रहो ..
जिसे देख नहीं सकते उसकी आवाज़ में ही खुश रहो
बहुत ..... कम लोग इसी ख़ुशी को .... ले पाते है .......
आजभी ...हम जब घर मै... परिवार के साथ होते है .... तो हमारे .. माता पिता कुछ न कुछ पुरानी बाते ... यतो उनके लम्हों को याद करते है ....और उन यादो मैं ही कोई ...वो लोग खुश रहते है.... ... और कुछ बातो मैं तो हमें भी खुश कर जाते है ...
ऐसी ही कुछ बाते जो मेरे पापा .. कई बार ... कहते रहते है वोह मैं आपके साथ बाँट रहा हूँ ..
मेरे पापा अक्स़र एक आदमी के बारे मैं बात करते है ...
उसका नाम है देवा ..........
देवा एक .... बहुत ही आराम प्रिय और .....आलसी ... अपनी ही मस्ती मैं मस्त रहने वाला .. इन्सान था... वोह ..मेरे पापा के मित्र नतु भाई जो एक आश्रम चलाते है ...उनके वहा रहता था ...और बस आनंद करता था ...
एक दिन देवा ने कहा .... नतु भाई एक दिन मेरे ऊपर से ...कितनी ही ट्रक ..ट्रक्टर ... जीप ..और बहुत ही गाड़िया चली थी ....
नतु भाई ने कहा .... क्या बात करता है क्यों झूठ बोलता है ... एसा कभी हो सकता है ...
उसने बोला ...नहीं नतु भाई मै सच कह रहा हूँ ..
नतु भाई ने कहा..... इतनी गाड़िया जाने के बाद भी तुजे कुच्छ नहीं हुआ ...
तो उसने कहा ....कहा से होगा मैं पूल के निचे सोया हुआ था.....
इसी ही कई बाते... जो मेरे पापा की जुबान से सुने तो हम भी खुश होजाते है...
.........एकदिन नतु भाई के आश्रम मैं एक आदमी साँस की बीमारी के चलते आया ...
वोह नातुभई से बोला नतु भाई ये साँस की बीमारी से मैं परेसान होगया हूँ.
कुछ इलाज बतइए....
उसी वक़्त देवा भी वही था .... ..तुरंत वोह बोला इलाज है ..... मेरे पास ....
दर्दी बोला બોલ ને ભાઈ ... જો તારી દવા થી મટતું હોય તો ....
तुरंत ही देवा बोला .... D D T .... यानि ... जंतु नाशक ... दवाई ...
એક જ ફાંકડા માં સ્વાશ બેસી જશે .... ....
इसी ही कई छोटी बातोसे भी हम खुश होजाते है.... .
AFTER ALL ..आज मैंने आपको खुश करने की थोडीसी कोशिश की है ..इस लिए ..
बिता हुआ कल जा चूका है , उसकी मीठी यादों में ही खुश रहो ...
आने वाले पल का पता नहीं ... सपनो में ही खुश रहो ....
............... बस कुछ न खछ लिखता रहता हूँ ... अगर बुरा लगे तो बिना पढ़े ही खुश रहो... आने वाले पल का पता नहीं ... सपनो में ही खुश रहो ....
मिलते है ......

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