आज हमारा भारत
स्वतंत्र दिवस मना रहा है .....आजसे करीबन 66 साल पहले हमें स्वतंत्रता दी गयी थी ... किससे क्या हम जानते है ....? हमें कहा जाता है की हमें अंग्रेजो ने गुलाम बनाये रखा था ... और उनसे हमें 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र किया गया ... यही बात हमें बताई गयी है न ...!और यही बात हम मानते भी है ....और देखने जाये तो ये सच भी है ..क्योंकी 15 अगस्त 1947 से पहले हमारा शासन अंगेजो के कायदे कानून और उनकी ही निगरानी मैं चलता था ..और 15 अगस्त 1947 के बाद मैं कायदे कानून तो वहि रहे मगर जो उनकी निगरानी थी वोह उठ गयी ..और उनकी जगह हमें लोकशाही मतलब हमारे अपने चुने हुए लोगो की निगरानी मैं उन्ही कायदों का लाभ मिलाने लगा ...यानि ......
हम अंग्रेजो की गुलामी से छूटकर ...अपने ही राजनेता ..जो की करीबन वंस परंपरागत ही चले आये उनके .............................................. हो गए .....(बिच मैं जो जगह राखी है वो आप खुद ही भर ले,..). .और उसी स्वतंत्रता का हम जोर शोर से उत्सव आज यानि 15 अगस्त को हर साल मानते है ...कई रंग रंग कार्यक्रम करते है ...शहीद और स्वतंत्र सेनानी ओ को याद भी करते है ...
और हर साल हम अपनी एक नयी गुलामी !!!!!!!अरे माफ़ करना स्वतंत्रता को और ज्यादा सहने की शक्ति प्राप्त करते है ..मैं आप सब से माफ़ी चाहता हूँ .....अगर कुछ गलत लिख दिया हो तो ...
मगर हां मुजे तो यही सच लगता है ....और वही लिख दिया .....
क्या सच मैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहूति हमें स्वतंत्रता दिलाने के लिए दी थी ..वो क्या ऐसी स्वतंत्रता ..चाहते .थे ..
स्वतंत्र दिवस मना रहा है .....आजसे करीबन 66 साल पहले हमें स्वतंत्रता दी गयी थी ... किससे क्या हम जानते है ....? हमें कहा जाता है की हमें अंग्रेजो ने गुलाम बनाये रखा था ... और उनसे हमें 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र किया गया ... यही बात हमें बताई गयी है न ...!और यही बात हम मानते भी है ....और देखने जाये तो ये सच भी है ..क्योंकी 15 अगस्त 1947 से पहले हमारा शासन अंगेजो के कायदे कानून और उनकी ही निगरानी मैं चलता था ..और 15 अगस्त 1947 के बाद मैं कायदे कानून तो वहि रहे मगर जो उनकी निगरानी थी वोह उठ गयी ..और उनकी जगह हमें लोकशाही मतलब हमारे अपने चुने हुए लोगो की निगरानी मैं उन्ही कायदों का लाभ मिलाने लगा ...यानि ......
हम अंग्रेजो की गुलामी से छूटकर ...अपने ही राजनेता ..जो की करीबन वंस परंपरागत ही चले आये उनके .............................................. हो गए .....(बिच मैं जो जगह राखी है वो आप खुद ही भर ले,..). .और उसी स्वतंत्रता का हम जोर शोर से उत्सव आज यानि 15 अगस्त को हर साल मानते है ...कई रंग रंग कार्यक्रम करते है ...शहीद और स्वतंत्र सेनानी ओ को याद भी करते है ...
और हर साल हम अपनी एक नयी गुलामी !!!!!!!अरे माफ़ करना स्वतंत्रता को और ज्यादा सहने की शक्ति प्राप्त करते है ..मैं आप सब से माफ़ी चाहता हूँ .....अगर कुछ गलत लिख दिया हो तो ...
मगर हां मुजे तो यही सच लगता है ....और वही लिख दिया .....
